पुणे : शैक्षणिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की दखल लेते हुए ग्लोबल एलिट मीडिया की ओर से डॉ. विनया केस्कर को “राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह 14 जून 2026 को पुणे स्थित सिम्बायोसिस कॉलेज, विमान नगर में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा, नवाचार, तकनीकी कौशल विकास एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान किया गया।

ATSS College of Business Studies and Computer Application (CBSCA) में कार्यरत डॉ. विनया केस्कर ने शिक्षण क्षेत्र में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी कौशल तथा नवीन तकनीकों से जोड़ने का उल्लेखनीय कार्य किया है। उनका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना और उन्हें रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करना रहा है।

सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बी.एससी. (कंप्यूटर साइंस), बी.एससी. (AI & ML), बी.एससी. (डेटा साइंस), बी.एससी. (Cyber & Digital Science) तथा एम.एससी. के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शिक्षण प्रदान किया है। पारंपरिक अध्यापन पद्धति के साथ PPT, समूह चर्चा, केस स्टडी, प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियों तथा प्रायोगिक कार्यों का समावेश कर उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाया है।

डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा साइबर सुरक्षा जैसे जटिल विषयों को सरल बनाने के लिए उन्होंने वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों का उपयोग किया। विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक डेटा पर कार्य करने, उसका विश्लेषण करने तथा परिणामों को समझने के लिए प्रेरित किया। इसके लिए Pandas, NumPy, Scikit-learn, JupyterLite तथा विभिन्न Data Visualization Tools का उपयोग कराया गया।

विद्यार्थियों में नवाचार और शोध की भावना विकसित करने के उद्देश्य से उन्होंने विभिन्न प्रोजेक्ट, असाइनमेंट और केस स्टडी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया। AI, Machine Learning, Data Analytics तथा उद्योगों में तकनीक के उपयोग से जुड़े विषयों पर अध्ययन एवं प्रस्तुति के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया, जिससे उनकी समस्या समाधान क्षमता तथा आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया में ChatGPT, Gemini, Google Colab तथा अन्य AI आधारित शैक्षणिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया। विद्यार्थियों को इन आधुनिक तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्ण और रचनात्मक उपयोग करना सिखाया, जिससे उनकी सीखने की गति और तकनीकी समझ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए नियमित रूप से कार्यशालाओं, विशेषज्ञ व्याख्यानों तथा उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार के अवसरों, उद्योगों की अपेक्षाओं तथा नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही उनके संचार कौशल, प्रस्तुति कौशल तथा टीमवर्क क्षमता को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

शैक्षणिक विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए भी उन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। विभिन्न प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों, एड-ऑन कोर्स, सेमिनार, सम्मेलन तथा विशेषज्ञ व्याख्यानों में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए। मेंटरिंग प्रणाली के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक, व्यक्तिगत तथा करियर संबंधी समस्याओं का समाधान कर उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान किया।

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों तथा सामुदायिक सेवा गतिविधियों में विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से सहभागी बनाकर उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन और सेवा भाव विकसित करने का कार्य किया। महापुरुषों की जयंती, राष्ट्रीय पर्व तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, नैतिकता और सामाजिक संवेदनशीलता के मूल्य विकसित किए।

महाविद्यालय में आयोजित ARKO गतिविधियों, तकनीकी प्रतियोगिताओं, परियोजना प्रदर्शनियों, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा जागरूकता अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, समय प्रबंधन तथा टीम भावना विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराए।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए डॉ. केस्कर ने महाविद्यालय, विश्वविद्यालय एवं समाज के स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। विद्यार्थियों को “पुणेकर वाचत आहे” जैसे उपक्रमों में सहभागी होने के लिए प्रेरित कर पठन संस्कृति को बढ़ावा दिया। विश्वविद्यालय स्तरीय कार्यशालाओं, शोध सम्मेलनों, NSS गतिविधियों तथा कौशल विकास कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।

समाज से शिक्षा को जोड़ने के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान, पुस्तक दान एवं कंप्यूटर दान उपक्रम, अनाथालय भ्रमण तथा साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। विशेष रूप से कणेहवाड़ी गांव में पुस्तक एवं कंप्यूटर दान अभियान के माध्यम से ग्रामीण विद्यार्थियों तक शैक्षणिक संसाधन पहुंचाने का कार्य किया गया।

इसके अतिरिक्त रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, पुलिस कर्मियों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाकर सामाजिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों को सशक्त बनाने का कार्य किया।

शिक्षा, तकनीक, नवाचार तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच एक प्रेरणादायी शिक्षिका के रूप में स्थापित किया है। राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित होना उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का गौरवपूर्ण सम्मान है।

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