नंदुरबार : आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचारपूर्ण शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए Mr. Bhagatsing Bahadur Pawara, मुख्याध्यापक, जिला परिषद प्राथमिक शाला तिसफोडीपाडा (शेलकुवी), तहसील धडगांव, जिला नंदुरबार, को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 2 अगस्त 2026 को GH Raisoni College, Nagpur में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

मुख्याध्यापक के रूप में Mr. Bhagatsing Bahadur Pawara ने विद्यालय को केवल शिक्षण संस्था न बनाकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र बनाने का सतत प्रयास किया है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं पर्यावरण शिक्षा को व्यवहारिक रूप देने के लिए विद्यार्थियों को नदियों, नालों, पहाड़ों एवं औषधीय वनस्पतियों का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया। “पानी अडवा – पानी जिरवा” अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, पालकों एवं ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागृति पैदा की।

उन्होंने “पेड़ के नीचे विद्यालय” जैसी अभिनव संकल्पना को सफलतापूर्वक लागू कर प्राकृतिक वातावरण में शिक्षण की अनूठी पहल की। आनंददायी शनिवार (दप्तरमुक्त विद्यालय), मनोरंजनात्मक खेल, संगीतमय कवायत तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को आनंददायी और अनुभवात्मक बनाया। गणित में रुचि विकसित करने हेतु प्रार्थना सभा में प्रतिदिन दिनांकानुसार पहाड़े बोलने का उपक्रम तथा विद्यार्थियों में भाषा कौशल बढ़ाने के लिए “वाचन आंदोलन” चलाया गया।

विद्यालय में PM पोषण योजना के अंतर्गत जैविक पद्धति से शालेय परसबाग विकसित किया गया, जहाँ उगाई गई ताज़ी सब्जियों का उपयोग मध्यान्ह भोजन में किया जाता है। इस उत्कृष्ट पहल के लिए विद्यालय को तालुका स्तरीय परसबाग प्रतियोगिता में विशेष पुरस्कार प्राप्त हुआ। स्थानीय जनसहभागिता से विद्यालय में कंप्यूटर, डिजिटल शिक्षण सामग्री तथा तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए गए। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए ग्राम पंचायत के सहयोग से विद्यालय परिसर में CCTV कैमरे लगाए गए तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएँ विकसित की गईं।

इन नवाचारों के परिणामस्वरूप विद्यालय को “मुख्यमंत्री माझी शाळा सुंदर शाळा” अभियान के अंतर्गत तालुका स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त Lupin Human Welfare & Research Foundation, Nandurbar द्वारा Best School Award (2019) तथा पूज्य साने गुरुजी पुरस्कार (2020) से विद्यालय को सम्मानित किया गया। वहीं Mr. Bhagatsing Bahadur Pawara को व्यक्तिगत रूप से “आदर्श गुरुजन पुरस्कार 2023” से भी सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने भाषण प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया। आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं से विद्यार्थियों को परिचित कराकर उनमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व की भावना विकसित की। संविधान दिवस, राष्ट्रीय मतदान दिवस तथा विभिन्न राष्ट्रीय पर्वों के माध्यम से विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित की गई।

उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में विद्यार्थियों का चयन सरस्वती विद्या अकादमी, लोणावला, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय सैनिक विद्यालय, छत्रपति संभाजीनगर तथा एकलव्य रेसिडेन्सी स्कूल, नंदुरबार में हुआ। खेलकूद के क्षेत्र में भी विद्यालय को क्रीड़ा भूषण पुरस्कार प्राप्त हुआ। विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए घर-भेंट, पालक संपर्क एवं प्रेरणादायी उपक्रम चलाए गए, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय तालुका की 100% उपस्थिति प्राप्त करने वाली शाला बनी।

विद्यालय एवं समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया और प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित किया। निरंतर जनजागरण एवं पालक संपर्क के माध्यम से मौसमी पलायन की समस्या को समाप्त कर विद्यालय को पलायनमुक्त विद्यालय बनाने में सफलता प्राप्त की। ग्रामीणों के लिए साक्षर भारत अभियान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, जैविक खेती एवं पर्यावरण जागरूकता जैसे सामाजिक उपक्रमों का भी प्रभावी संचालन किया।

विद्यालय के विकास हेतु ग्राम पंचायत, पालक, पूर्व विद्यार्थी एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर उन्होंने सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका मानना है कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, संस्कार, पर्यावरण चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रीय मूल्यों के विकास का माध्यम बननी चाहिए।

आदिवासी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचारपूर्ण शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए Mr. Bhagatsing Bahadur Pawara को 2 अगस्त 2026 को GH Raisoni College, Nagpur में आयोजित National Ideal Teacher Awards 2026 के भव्य समारोह में सम्मानित किया गया।

उनकी यह उपलब्धि शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी मानी जा रही है। समर्पित नेतृत्व, सामाजिक प्रतिबद्धता और नवाचारपूर्ण शिक्षण के माध्यम से उन्होंने यह सिद्ध किया है कि सामूहिक प्रयासों से दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सशक्त मॉडल स्थापित किया जा सकता है।

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