पुणे : शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण अध्यापन पद्धतियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अकादमिक एवं करियर मार्गदर्शन तथा प्रारंभिक बाल शिक्षा में आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोणों के प्रभावी प्रयोग के लिए Ms. Naisha Ashar, शिक्षिका एवं अकादमिक परामर्शदाता, को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें “शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास” श्रेणी में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
Ms. Naisha Ashar शिक्षा क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाली शिक्षिका एवं अकादमिक परामर्शदाता हैं। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, कौशल विकास, आत्मविश्वास और भविष्य के करियर की दिशा तय करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनका मानना है कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उनके जीवन के उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम बननी चाहिए।
शिक्षा में IKIGAI दर्शन का प्रभावी समावेश
Ms. Naisha Ashar ने पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर IKIGAI जैसे आधुनिक एवं प्रभावी जीवन-दृष्टिकोण को विद्यार्थियों और अभिभावकों के अकादमिक एवं करियर काउंसलिंग में शामिल किया है। जापानी अवधारणा IKIGAI व्यक्ति को उसके जीवन के उद्देश्य को समझने में सहायता करती है।
इस दृष्टिकोण के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता, कौशल, प्रतिभा और समाज के प्रति योगदान को समझने के लिए प्रेरित किया जाता है। Ms. Ashar विद्यार्थियों को यह पहचानने में मार्गदर्शन देती हैं कि वे किस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और किस प्रकार अपनी रुचि एवं क्षमताओं को भविष्य के करियर से जोड़ सकते हैं।
उनका यह विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण विद्यार्थियों को केवल करियर चुनने के बजाय अपने जीवन के लिए एक स्पष्ट उद्देश्य विकसित करने में सहायता करता है।
Reggio Emilia Approach से बाल शिक्षा में नवाचार
Early Childhood Education के क्षेत्र में भी Ms. Naisha Ashar ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी रूप से अपनाया है। उन्होंने Reggio Emilia Approach का प्रयोग करते हुए बच्चों को उनके आसपास के वातावरण, कला, रचनात्मक गतिविधियों, निरीक्षण और आत्म-अभिव्यक्ति के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान किए।
Reggio Emilia दृष्टिकोण में बच्चे को केवल शिक्षक से जानकारी प्राप्त करने वाला विद्यार्थी न मानकर सीखने की प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार माना जाता है। इस पद्धति के माध्यम से बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, स्वतंत्र सोच, आत्म-अभिव्यक्ति, संवाद कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
Ms. Ashar का मानना है कि प्रारंभिक अवस्था में बच्चों को प्रश्न पूछने, प्रयोग करने, अपनी कल्पनाओं को व्यक्त करने और अपने परिवेश से सीखने के अवसर मिलना उनके भविष्य के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों के अकादमिक एवं करियर विकास पर विशेष ध्यान
अकादमिक परामर्शदाता के रूप में Ms. Naisha Ashar विद्यार्थियों को Academic Guidance, Career Planning, Personality Development और Future Skill Development के क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उनके परामर्श का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी व्यक्तिगत क्षमता, रुचि और भविष्य के लक्ष्यों के अनुरूप सही दिशा प्रदान करना है।
वे विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ संवाद के माध्यम से उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं को समझने तथा उनके लिए उपयुक्त विकल्प तलाशने पर जोर देती हैं। उनका मानना है कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता और सीखने की शैली अलग होती है, इसलिए शिक्षा और करियर मार्गदर्शन भी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।
विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा की समर्थक
Ms. Naisha Ashar की शिक्षण पद्धति की प्रमुख विशेषता Student-Centric Learning है। वे विद्यार्थियों को केवल पाठ याद करने के बजाय स्वयं विचार करने, प्रश्न पूछने, समस्याओं का समाधान खोजने और अपनी रचनात्मकता का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
उनके अनुसार शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षक को विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने, उन्हें प्रेरित करने और उनके भविष्य के लिए सही दिशा दिखाने में मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए।
इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षा को ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, आत्म-जागरूकता और जीवन के उद्देश्य से जोड़ने का प्रयास किया है।
