नागपुर : उच्च शिक्षा, शैक्षणिक नेतृत्व, शोध, साहित्य सृजन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए Dr. Pushpa Subhash Tayde को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 2 अगस्त 2026 को GH Raisoni College, Nagpur में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
Dr. Pushpa Subhash Tayde शिक्षा जगत की एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं लेखिका हैं। उन्होंने एम.ए. (अर्थशास्त्र) तथा पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका 34 वर्षों का समृद्ध अनुभव रहा है, जिसमें 17 वर्ष प्राध्यापक तथा 17 वर्ष 3 माह लोक महाविद्यालय, वर्धा की प्राचार्य के रूप में उन्होंने उल्लेखनीय सेवाएँ प्रदान कीं।
अपने लंबे शिक्षकीय जीवन में उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अभ्यास मंडल (Board of Studies), सोशल साइंस फैकल्टी, ग्रीवांस कमेटी सहित अनेक शैक्षणिक समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त उन्होंने Datta Meghe Institute of Medical Sciences and Research Centre में Dean, Liberal Arts & Humanities Department के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाया तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने 14 महत्वपूर्ण पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें सूक्ष्म अर्थशास्त्र, व्यावसायिक अर्थशास्त्र, विदर्भ का ग्रामीण विकास, विदर्भातील साखर उद्योगाचे अर्थशास्त्र, सिद्धयोग, नचिकेता, तथागत बुद्ध, मातृव्यथा, पुष्पगंध, गुरु और शिष्य जैसे विषयों पर आधारित ग्रंथ शामिल हैं। इनके अतिरिक्त उन्होंने 16 महत्वपूर्ण ग्रंथों एवं स्मरणिकाओं का संपादन कर साहित्य एवं शिक्षा जगत को समृद्ध किया है।
शोध के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। महात्मा गांधी के आध्यात्मिक विचारों पर शोध कार्य के लिए उन्हें यूजीसी (UGC) से अनुसंधान अनुदान प्राप्त हुआ। उनके 45 से अधिक शोधपत्र राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, शोध सम्मेलनों एवं अकादमिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन भी किया है। साथ ही वे NAAC Peer Team Member के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं करियर विकास को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने Career Oriented Courses, UPSC एवं MPSC प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन कक्षाएँ, व्यक्तित्व विकास शिविर, उद्योग एवं बैंक भ्रमण तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) शिविरों का नियमित आयोजन किया। उनके मार्गदर्शन में 9 विद्यार्थियों ने पीएच.डी., 13 विद्यार्थियों ने एम.फिल. तथा 11 विद्यार्थियों ने एम.बी.ए. की उपाधि सफलतापूर्वक प्राप्त की।
प्राचार्य के रूप में उन्होंने संस्थान के शैक्षणिक विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके नेतृत्व में महाविद्यालय में आधुनिक एवं विशाल ग्रंथालय, पूर्ण सुविधायुक्त कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, UPSC-MPSC अभ्यर्थियों के लिए विशेष अध्ययन कक्ष, विश्वकोश एवं संदर्भ ग्रंथों से समृद्ध पुस्तकालय, तथा खेल मैदान विकसित किए गए। उनके कार्यकाल में महाविद्यालय ने दो बार सफलतापूर्वक NAAC मूल्यांकन भी प्राप्त किया।
शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे प्रतिवर्ष महिलाओं के आध्यात्मिक शिविरों, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों, नशामुक्ति अभियान, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों, तथा महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर आयोजित सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। युवाओं में नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए उनके प्रयास सदैव सराहनीय रहे हैं।
उच्च शिक्षा, शोध, साहित्य, शैक्षणिक नेतृत्व एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए Dr. Pushpa Subhash Tayde को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया।
शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अब तक 50 से अधिक राज्य, राष्ट्रीय एवं प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनका दृढ़ विश्वास है कि “शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, शोध, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व से युक्त ऐसे नागरिक तैयार करना है जो राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।” इसी संकल्प के साथ वे भविष्य में भी शिक्षा, शोध एवं समाजसेवा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देती रहेंगी।
