पुणे : शैक्षणिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की दखल लेते हुए ग्लोबल एलिट मीडिया की ओर से प्रवीण हिरामण गायकवाड को “राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह 14 जून 2026 को पुणे स्थित सिम्बायोसिस कॉलेज, विमान नगर में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा, नेतृत्व, मूल्याधारित शिक्षण एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान किया गया।
प्रवीण हिरामण गायकवाड वर्तमान में एसपीजी इंटरनॅशनल स्कूल (SPG International School), भोसरी, पुणे में प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं। एक शिक्षक और शैक्षणिक प्रशासक के रूप में उन्होंने सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा उनके व्यक्तित्व विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है।
उन्होंने अपने शिक्षकीय जीवन में केवल विषय ज्ञान तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों के जीवन कौशल, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक व्यवहार के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। उनका मानना है कि एक शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और व्यक्तित्व निर्माण करने वाला होता है।
प्रवीण गायकवाड ने अपने विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, समावेशी और प्रेरणादायी शिक्षण वातावरण विकसित करने का निरंतर प्रयास किया है। वे विद्यार्थियों की सफलता के प्रति स्वयं को उत्तरदायी मानते हैं तथा शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
अपने लंबे शैक्षणिक कार्यकाल में उन्होंने विद्यालय के भीतर और बाहर आयोजित विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों के साथ सक्रिय सहभागिता निभाई है। स्वयंसेवा, नेतृत्व विकास, सामाजिक गतिविधियों तथा विभिन्न शैक्षणिक उपक्रमों के माध्यम से उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा दी है।
एक योग्य शिक्षक के रूप में उन्होंने विद्यालय समुदाय में सहयोग और सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित किया है। विद्यार्थियों में उच्च स्तरीय चिंतन क्षमता, तार्किक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। साथ ही उनके मौखिक संचार कौशल, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने सदैव छात्र और संस्था के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित कर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समृद्ध बनाया है। शिक्षण की योजनाबद्ध तैयारी, प्रभावी कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन तथा उनके साथ सकारात्मक संबंध निर्माण को उन्होंने अपने शिक्षकीय जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
प्रवीण गायकवाड का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संस्कारी और सक्षम नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें। इसी विचारधारा के साथ उन्होंने अपने जीवन को शिक्षा और विद्यार्थियों के विकास के लिए समर्पित किया है।
शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण तथा आदर्श शिक्षक के रूप में उनकी भूमिका ने उन्हें समाज और शैक्षणिक क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित होना उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और शिक्षा क्षेत्र में दिए गए उत्कृष्ट योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान है।
