पुणे : शैक्षणिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की दखल लेते हुए ग्लोबल एलिट मीडिया की ओर से उन्हें “राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह 14 जून 2026 को पुणे स्थित सिम्बायोसिस कॉलेज, विमान नगर में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा क्षेत्र में नवाचारपूर्ण कार्यों, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान किया गया।

एक शिक्षक के रूप में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचारपूर्ण एवं छात्र-केंद्रित पहलें की हैं। कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण, कला-संयुक्त शिक्षण (Art Integrated Learning), परियोजना-आधारित शिक्षण तथा ICT आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रभावी उपयोग किया है। विद्यार्थियों की विविध सीखने की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विभेदित शिक्षण (Differentiated Instruction) को अपनाकर प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया है।

विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास हेतु उन्होंने सदैव छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया है। शैक्षणिक विकास के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण, समूह कार्य, परियोजना कार्य, ICT आधारित शिक्षण तथा नियमित मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को सुदृढ़ बनाया है।

नैतिक विकास के लिए प्रार्थना सभा, मूल्य-आधारित कहानियों, प्रेरक प्रसंगों, सामुदायिक सेवा गतिविधियों तथा जीवन-कौशल शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में ईमानदारी, अनुशासन, सहानुभूति एवं जिम्मेदारी जैसे मानवीय मूल्यों का विकास किया है।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, कला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, विज्ञान प्रदर्शनियों, नेतृत्व विकास गतिविधियों एवं विभिन्न सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की है। साथ ही परामर्श एवं मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास तथा भावनात्मक सुदृढ़ता को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया है, जिससे वे जिम्मेदार, संवेदनशील एवं सक्षम नागरिक बन सकें।

विद्यालय एवं समाज में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। विद्यालय में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने हेतु गतिविधि-आधारित शिक्षण, कला-संयोजित शिक्षण, ICT एवं स्मार्ट कक्षा का प्रभावी उपयोग किया। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन एवं पुनरावृत्ति कक्षाओं का आयोजन कर उनकी प्रगति पर सतत निगरानी रखी।

विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समाज स्तर पर अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई तथा विद्यालय छोड़ चुके एवं शिक्षा से वंचित बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए गए।

साक्षरता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता से संबंधित अभियानों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षकों, अभिभावकों एवं समुदाय के सहयोग से सकारात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण का निर्माण करने के उनके प्रयास सराहनीय रहे हैं।

शिक्षा, संस्कार, नवाचार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक आदर्श शिक्षिका के रूप में स्थापित करती है। राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित होना उनके समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली और शिक्षा क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान है।

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