पुणे : शैक्षणिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की दखल लेते हुए ग्लोबल एलिट मीडिया की ओर से प्रा. विकी धर्मेंद्र घायतडक को “राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह 14 जून 2026 को पुणे स्थित सिम्बायोसिस कॉलेज, विमान नगर में आयोजित किया गया, जहां तकनीकी शिक्षा, नवाचार, विद्यार्थी विकास एवं सामाजिक योगदान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों का गौरवपूर्ण सम्मान किया गया।

प्रा. विकी धर्मेंद्र घायतडक उच्च शिक्षित शिक्षाविद एवं समाजसेवी हैं। उन्होंने बी.ई. (कंप्यूटर इंजीनियरिंग) तथा एम.ई. (सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वे डिप्लोमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे पिपल्स वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष तथा जामखेड नगरपरिषद के नगरसेवक के रूप में भी समाजसेवा से जुड़े हुए हैं।

शिक्षा एवं समाज के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें शिक्षा भूषण पुरस्कार 2024, समाज भूषण पुरस्कार 2022, आदर्श अभियंता पुरस्कार 2021, टीचर्स इनोवेशन अवॉर्ड दिल्ली 2019 तथा धम्म पुरस्कार 2012 सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

शिक्षक के रूप में प्रा. घायतडक ने तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख बनाने के लिए अनेक नवाचारपूर्ण पहल की हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए वास्तविक तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु प्रेरित किया है। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल प्रेजेंटेशन, ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म, वीडियो लेक्चर तथा वर्चुअल डेमोंस्ट्रेशन का प्रभावी उपयोग किया है।

विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (Project Based Learning), केस स्टडी, समूह चर्चा एवं प्रायोगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया। तकनीकी कौशल और रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न उद्योगों, निर्माण स्थलों तथा तकनीकी संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए। साथ ही विद्यार्थियों को तकनीकी प्रतियोगिताओं, मॉडल प्रदर्शनियों, सेमिनारों एवं कार्यशालाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को नवाचारी एवं समाजोपयोगी परियोजनाएं विकसित करने हेतु विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कमजोर एवं पिछड़े विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन कक्षाएं, मेंटरिंग तथा व्यक्तिगत परामर्श की व्यवस्था कर उनके शैक्षणिक परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने का कार्य किया गया।

विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने आधुनिक तकनीकों के साथ मूल्याधारित शिक्षा पर भी विशेष बल दिया। अनुशासन, समयपालन, ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों को विकसित करने के लिए नियमित संवाद, प्रेरणादायी प्रसंगों तथा जीवन मूल्यों पर आधारित चर्चाओं का आयोजन किया।

तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, प्रयोगशाला आधारित अधिगम, औद्योगिक भ्रमण, विशेषज्ञ व्याख्यान एवं तकनीकी कार्यशालाओं का नियमित आयोजन किया। विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान तथा स्टार्टअप गतिविधियों से जोड़कर उनमें समस्या समाधान क्षमता एवं नवाचारी सोच विकसित करने का प्रयास किया।

सर्वांगीण विकास के लिए विद्यार्थियों को खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, व्यक्तित्व विकास कार्यशालाओं एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान जागरूकता तथा सामुदायिक सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना एवं राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित की।

विद्यालय एवं समाज में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उन्होंने स्मार्ट क्लास, डिजिटल प्रेजेंटेशन, वीडियो लेक्चर तथा ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग बढ़ाया। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का नियमित मूल्यांकन कर कमजोर विद्यार्थियों के लिए सुधारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) की व्यवस्था की गई। प्रयोगशालाओं के प्रभावी उपयोग, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा विशेषज्ञ व्याख्यानों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाया गया।

समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभिभावक बैठकों, करियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों तथा जनजागरण गतिविधियों का आयोजन किया गया। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने तथा उन्हें मुख्यधारा में बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए गए। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई।

शिक्षा, तकनीकी नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें एक प्रेरणादायी शिक्षाविद के रूप में स्थापित किया है। राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित होना उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और शिक्षा क्षेत्र में दिए गए उत्कृष्ट योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed