पुणे : प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, बालकेंद्रित शिक्षण पद्धति को प्रोत्साहन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए श्री किरण विठ्ठल पालकर, अध्यक्ष, यूनिक एंजल प्री प्रायमरी स्कूल, को राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा समाज में शिक्षा के प्रसार हेतु उनके समर्पित प्रयासों की मान्यता है।
श्री किरण पालकर का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव होती है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए उन्होंने यूनिक एंजल प्री प्रायमरी स्कूल के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त एवं जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान करने का कार्य किया है। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें रचनात्मक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशेष योगदानों में बालकेंद्रित शिक्षण पद्धति का प्रभावी कार्यान्वयन प्रमुख है। विद्यालय में गतिविधि आधारित शिक्षण, खेल-खेल में सीखना, कहानी कथन, समूह कार्य, कला एवं हस्तकला जैसी शिक्षण विधियों को अपनाकर बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाया गया है। आधुनिक समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजिटल शिक्षण साधनों का उपयोग भी बढ़ाया गया, जिससे विद्यार्थियों की सहभागिता और सीखने की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति को विकसित करने के लिए विद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सृजनात्मक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा आत्मविश्वास विकसित करने के अवसर प्राप्त होते हैं।
श्री पालकर ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक एवं चारित्रिक विकास को भी समान महत्व दिया है। विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना, सुविचार, नैतिक कहानियों और प्रेरणादायी प्रसंगों के माध्यम से बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित किए जाते हैं। अनुशासन, समयपालन, स्वच्छता, सहयोग, सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।
राष्ट्रीय पर्वों, सांस्कृतिक उत्सवों, पर्यावरण दिवस तथा विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित की जाती है। इससे बच्चों में समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है।
प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत क्षमता को पहचानते हुए उन्होंने समावेशी शिक्षा की अवधारणा को प्रोत्साहित किया है। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन एवं व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है, जबकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
विद्यालय और अभिभावकों के बीच सशक्त समन्वय स्थापित करना भी उनके कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। नियमित पालक सभाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति, व्यवहार एवं आवश्यकताओं पर चर्चा की जाती है तथा अभिभावकों को शिक्षा प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे घर और विद्यालय के बीच सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण निर्मित हुआ है।
विद्यालय की शिक्षा गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए श्री पालकर ने शिक्षकों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएँ एवं शैक्षणिक मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए हैं। नवीन शिक्षण तकनीकों और शिक्षण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देकर विद्यालय में एक सुरक्षित, आनंददायक और प्रेरणादायी शिक्षण वातावरण विकसित किया गया है।
समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने विभिन्न जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया है। विशेष रूप से बालिका शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा के महत्व तथा प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर उन्हें अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया है।
कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन शिक्षण, डिजिटल अध्ययन सामग्री तथा अभिभावकों के सहयोग से शिक्षण प्रक्रिया को निरंतर जारी रखा गया। उनके इन प्रयासों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षा, नैतिक मूल्यों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए श्री किरण विठ्ठल पालकर को राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उनका कार्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
