पुणे : एनीमेशन, डिज़ाइन एवं आधुनिक तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. संदीप हनुमंत भोकरे को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु किए गए प्रयासों के लिए राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, उद्योगोन्मुख कौशल विकास तथा विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की मान्यता है।
डॉ. संदीप भोकरे का मानना है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं, नवीन तकनीकों और नैतिक मूल्यों से भी जोड़ना आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ वे विद्यार्थियों को एक सक्षम, रचनात्मक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशेष योगदानों में आधुनिक तकनीकों को शिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना प्रमुख है। उन्होंने एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स (VFX), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR) तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों को विद्यार्थियों तक पहुँचाने के लिए विशेष कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रायोगिक सत्रों का आयोजन किया। इन प्रयासों के माध्यम से विद्यार्थियों को नवीनतम औद्योगिक मानकों के अनुरूप तैयार करने में सफलता प्राप्त हुई है।
उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सेतु निर्माण की दिशा में भी डॉ. भोकरे ने महत्वपूर्ण कार्य किया है। उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम तथा कौशल विकास गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान किए गए। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने तथा अपने कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिला।
शैक्षणिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में डॉ. भोकरे ने स्नातक विद्यार्थियों के लिए एनीमेशन विषय पर नौ पाठ्यपुस्तकों का लेखन किया है। इन पुस्तकों ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई है, जिससे उनकी विषयगत समझ और तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है।
अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने विभिन्न शोध परियोजनाओं तथा शोध पत्रों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए एनीमेशन और डिज़ाइन शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य किया है। उनका शोध कार्य शिक्षा एवं उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध हुआ है।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए डॉ. भोकरे ने सदैव एक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाई है। नियमित परामर्श, परियोजना मार्गदर्शन, कौशल-आधारित प्रशिक्षण तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके साथ ही सांस्कृतिक, तकनीकी एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास किया गया है।
छात्र परिषद अधिकारी के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों को निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाकर उनमें उत्तरदायित्व और नेतृत्व कौशल विकसित किए। साथ ही अनुशासन, समयपालन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा व्यावसायिक नैतिकता जैसे मूल्यों के महत्व पर निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। विद्यार्थियों को समाजोपयोगी कार्यों, जनजागरण अभियानों तथा सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उनमें सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए डॉ. भोकरे ने IQAC समन्वयक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन, पाठ्यक्रम सुधार, परिणाम विश्लेषण तथा सतत मूल्यांकन प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अनेक पहल कीं। डिजिटल शिक्षण उपकरणों, ई-लर्निंग संसाधनों तथा प्रायोगिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देकर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक परिणामोन्मुख बनाया गया।
शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए विभिन्न कार्यशालाओं, सेमिनारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर संस्थान में गुणवत्ता संस्कृति विकसित करने में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के उनके प्रयासों से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त हुए हैं।
समाज में शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के महत्व को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भोकरे विभिन्न शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाते रहे हैं। उनका विश्वास है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास का आधार है तथा इसी उद्देश्य के साथ वे निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं।
शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए डॉ. संदीप हनुमंत भोकरे को राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उनका कार्य आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
