पुणे : शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा समाज में शैक्षणिक जागरूकता बढ़ाने के लिए किए गए उत्कृष्ट योगदान के सम्मान स्वरूप श्री. आकाश परमेश्वर थोरात को राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।

न्यू इंग्लिश स्कूल एवं ज्युनियर कॉलेज, टाकळी (टें), ता. माढा, जि. सोलापूर में कार्यरत प्रा. श्री. आकाश थोरात (M.Sc., B.Ed. Physics) ने एक समर्पित शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है। उनका मानना है कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माता होता है।

शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए उन्होंने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का प्रभावी उपयोग किया। डिजिटल प्रस्तुतीकरण, शैक्षणिक वीडियो, ई-सामग्री तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से कठिन विषयों को सरल और रोचक बनाया। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों में विषयों के प्रति रुचि बढ़ी तथा शैक्षणिक उपलब्धियों में सकारात्मक सुधार देखने को मिला।

विद्यार्थियों की जिज्ञासा, सृजनशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए परियोजना आधारित शिक्षण, समूह चर्चा, प्रयोगात्मक कार्य, विज्ञान आधारित गतिविधियां तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का रचनात्मक उपयोग करते हुए उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक सामग्री विकसित की, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनी।

श्री. आकाश थोरात ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन कक्षाओं का आयोजन कर उनकी प्रगति सुनिश्चित की। नियमित मूल्यांकन, व्यक्तिगत मार्गदर्शन तथा सुधारात्मक उपायों के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विद्यार्थियों में अनुशासन, समयपालन, ईमानदारी, सहयोग, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों का विकास करने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रीय पर्व, महापुरुषों की जयंती, प्रेरणादायी विचार सत्र तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया गया।

विद्यालय में खेलकूद, विज्ञान प्रदर्शनी, निबंध लेखन, वक्तृत्व प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया गया। विद्यार्थियों को विभिन्न समितियों में जिम्मेदारियां देकर उनमें नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता तथा आत्मविश्वास विकसित किया गया।

विद्यालय और समाज में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उन्होंने सहकर्मी शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर नवीन शिक्षण पद्धतियों का आदान-प्रदान किया। विद्यालय में स्वच्छता, हरित परिसर, पुस्तक पठन संस्कृति तथा डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति रोकने के लिए अभिभावकों के साथ सतत संवाद बनाए रखा।

समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु अभिभावक बैठकें, जनजागरण अभियान तथा सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व संबंधी गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।

शिक्षा में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा समाज में शैक्षणिक जागरूकता बढ़ाने के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए श्री. आकाश परमेश्वर थोरात को राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उनकी यह उपलब्धि शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।

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