नागपुर : शिक्षा में नवाचार, विज्ञान एवं गणित शिक्षण, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए Dr. Rohit Shyamlal Bisen (Dr. RB Sir) को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 2 अगस्त 2026 को GH Raisoni College, Nagpur में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से समर्पित सेवाएँ दे रहे Dr. Rohit Shyamlal Bisen (Dr. RB Sir) विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा देने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों एवं आत्मविश्वास से समृद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि वास्तविक शिक्षा वही है जो विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाए।

विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों को सरल, रोचक और व्यवहारिक बनाने के लिए उन्होंने प्रायोगिक (Practical) एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाया है। कक्षा में मॉडल, चार्ट, विज्ञान प्रयोग, दैनिक जीवन के उदाहरण तथा इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अवधारणाएँ समझाई जाती हैं, जिससे उनका सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है।

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वे वीडियो लेक्चर, प्रेजेंटेशन, ऑनलाइन टेस्ट, डिजिटल स्टडी मटेरियल एवं सोशल मीडिया आधारित शिक्षण सामग्री का प्रभावी उपयोग करते हैं। साथ ही प्रश्नोत्तरी, शैक्षणिक प्रतियोगिताएँ तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों में सीखने के प्रति रुचि और आत्मविश्वास विकसित करते हैं।

Dr. RB Sir विशेष रूप से जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा, NMMS छात्रवृत्ति परीक्षा, गणित संबोध, स्कॉलरशिप परीक्षाओं एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए जाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने इन प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपने भविष्य को नई दिशा दी है।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए वे नियमित परीक्षण, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, अतिरिक्त अभ्यास सत्र तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन करते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता के अनुसार व्यक्तिगत सहायता प्रदान कर उनके आत्मविश्वास और शैक्षणिक प्रदर्शन में निरंतर सुधार लाने का प्रयास किया जाता है।

शैक्षणिक विकास के साथ-साथ वे विद्यार्थियों में ईमानदारी, अनुशासन, समयपालन, परिश्रम, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्रप्रेम जैसे नैतिक मूल्यों का भी विकास करते हैं। प्रेरणादायक प्रसंगों, महान व्यक्तित्वों के जीवन से जुड़े उदाहरणों तथा दैनिक संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी जाती है।

विद्यार्थियों की नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास के लिए उन्हें भाषण प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रश्नोत्तरी तथा विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनमें आत्मविश्वास, तार्किक सोच एवं नेतृत्व कौशल का विकास होता है।

शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में Dr. Rohit Shyamlal Bisen ने उल्लेखनीय सामाजिक कार्य भी किए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों, विशेषकर जिनके पिता नहीं हैं अथवा जो अत्यंत कठिन पारिवारिक परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे हैं, उन्हें लगभग 70 प्रतिशत तक फीस में रियायत प्रदान की जाती है, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बन सके।

अपने शिक्षण संस्थान RB Classes के माध्यम से वे गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। यहाँ विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने पर ही नहीं, बल्कि तार्किक क्षमता, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान कौशल तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

विद्यालय एवं समाज में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए वे नियमित रूप से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं। ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के अवसरों से परिचित कराने तथा अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति से जोड़ने का भी सराहनीय कार्य कर रहे हैं।

शिक्षा में नवाचार, विज्ञान एवं गणित शिक्षण, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए Dr. Rohit Shyamlal Bisen (Dr. RB Sir) को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया।

उनकी यह उपलब्धि शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी मानी जा रही है। उनका दृढ़ विश्वास है कि “एक शिक्षक का वास्तविक उद्देश्य केवल अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, आत्मनिर्भर, नैतिक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है, जो अपने ज्ञान और संस्कारों से समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।”

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