पुणे : शैक्षणिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की दखल लेते हुए ग्लोबल एलिट मीडिया की ओर से डॉ. वर्षा मकरंद पाठक को “राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह 14 जून 2026 को पुणे स्थित सिम्बायोसिस कॉलेज, विमान नगर में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा, शोध, नवाचार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान किया गया।

खानदेश एज्युकेशन सोसायटी के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, अमलनेर की प्राचार्या डॉ. वर्षा मकरंद पाठक को शिक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त हुई है। कंप्यूटर शिक्षा, शोध, नवाचार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों को व्यापक स्तर पर सराहा गया है।

डॉ. पाठक वर्तमान में खानदेश शिक्षण मंडल के अंतर्गत संचालित एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में प्राचार्या के रूप में कार्यरत हैं। इससे पूर्व वे लेक्चरर, प्रोफेसर, विभाग प्रमुख (Head of Department) तथा डीन – स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

वर्ष 1988 में भारत में कंप्यूटर युग के प्रारंभिक दौर से ही उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर शिक्षण व्यवसाय को अपना कार्यक्षेत्र चुना। अपने 37 वर्षों के शैक्षणिक कार्यकाल में उन्होंने समाज में कंप्यूटर प्रशिक्षण एवं तकनीकी जागरूकता बढ़ाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जलगांव के कंप्यूटर साइंस एवं कंप्यूटर मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों के बोर्ड ऑफ स्टडीज में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने उद्योग और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 1996 में कंप्यूटर साइंस विषय से स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) उत्तीर्ण कर उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में इस विषय के प्रति रुचि बढ़ाने का कार्य किया। SET/NET परीक्षा की तैयारी करने वाले अनेक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप उनके अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, परीक्षा नियंत्रक, पीएच.डी. गाइड तथा शैक्षणिक प्रशासक के रूप में कार्यरत हैं।

डॉ. पाठक ने वर्ष 2011 में पीएच.डी. अध्ययन प्रारंभ किया तथा वर्ष 2017 में कंप्यूटर विज्ञान में शोध उपाधि प्राप्त की। उन्होंने Natural Language Processing, SMS Based Information Retrieval, Machine Learning तथा Image Processing जैसे आधुनिक विषयों पर शोध कार्य किया है। साथ ही शोधार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए अनुसंधान और उत्कृष्टता की परंपरा को आगे बढ़ाया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हुए वैश्विक परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार किया है। नवाचार, क्रिटिकल थिंकिंग, उद्यमिता तथा आविष्कार जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं मेंटरिंग के माध्यम से प्रोत्साहित किया है। महाविद्यालय के Innovation Council तथा Research Council में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने Data Analytics, Database Management System, Data Structure, Web Development तथा C Programming जैसे विषयों पर पुस्तकों का लेखन एवं प्रकाशन किया है। साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन कर शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने के लिए मंच उपलब्ध कराया है।

विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए भी डॉ. पाठक ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करना उनकी विशेषता रही है। प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता को समझते हुए उन्हें उपयुक्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहती हैं। इसी कारण विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए उनसे सहज रूप से मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।

उन्होंने महाविद्यालय में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसी राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों को प्रोत्साहित किया तथा विद्यार्थियों के नवाचारपूर्ण विचारों को मंच उपलब्ध कराया। साथ ही अनेक विद्यार्थियों को उद्योग एवं शिक्षा क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके विद्यार्थी आज विभिन्न उद्योगों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जबकि अनेक विद्यार्थी स्वयं के व्यवसाय एवं शैक्षणिक संस्थान सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से डॉ. पाठक ने समाजोपयोगी उपक्रम भी संचालित किए हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण, छात्राओं हेतु साइबर सुरक्षा एवं साइबर कानून जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) विषयक कार्यशालाएं, शोध पद्धति एवं शोध लेखन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा शिक्षकों के लिए वीडियो लेक्चर निर्माण एवं यूट्यूब पब्लिशिंग संबंधी कार्यशालाओं का आयोजन किया है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने गैर-कंप्यूटर पृष्ठभूमि की महिला शिक्षिकाओं के लिए “AI Tools in Teaching and Curriculum Development” विषय पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन कर उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण के लिए सक्षम बनाया है।

शिक्षा, शोध, तकनीक और सामाजिक दायित्वों के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए गए कार्य उन्हें एक आदर्श शिक्षिका के रूप में स्थापित करते हैं। राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित होना उनके दीर्घकालीन समर्पण, नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का गौरवपूर्ण सम्मान है।

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