एक शिक्षक के रूप में, शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, रोचक और सुलभ बनाने के लिए स्वागता टीचर ने कई विशेष और Innovative कदम उठाए हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं।

विद्यार्थियों को स्वास्थ्य का महत्व समझाते हुए वे प्रतिदिन प्रथम पीरियड से पहले कक्षा में Exercise, Warm-up और Meditation सिखाती हैं।

Experiential Learning के अंतर्गत केवल रटने की बजाय ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) पर जोर दिया है। विज्ञान के व्यावहारिक प्रयोग (Practical Labs) तथा गणितीय अवधारणाओं को समझाने के लिए विशेष Project-Based Teaching पद्धति का उपयोग किया है।

Individualized Education Plan के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता अलग होती है, इस बात को ध्यान में रखते हुए कक्षा में कमजोर छात्रों के लिए अलग-अलग शिक्षण रणनीतियाँ तैयार की हैं, ताकि हर बच्चे को उसकी गति के अनुसार सीखने का अवसर मिल सके।

Integration of Technology के तहत छात्रों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने और सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने के लिए स्वागता टीचर ने अपनी कक्षाओं में Educational Apps तथा Projector का उपयोग शुरू किया है। इससे जटिल विषयों को 3D Models और Videos के माध्यम से आसानी से समझाया जा सकता है।

मूल्यांकन में नवाचार करते हुए छात्रों के निरंतर मूल्यांकन के लिए केवल लिखित परीक्षाओं पर निर्भर रहने के बजाय, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) पद्धतियों जैसे Quiz, Group Discussion और Portfolio निर्माण को अपनाया है।

Academic Development के अंतर्गत गणित, विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों को सरल बनाकर जटिल अवधारणाओं को स्पष्ट करने की उनकी विशेष कला है। विद्यार्थी सीधे शंका समाधान (Q&A), Practice Tests तथा अन्य शैक्षणिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

Moral Development के क्षेत्र में वे छात्रों को सही-गलत का बोध कराने वाले प्रेरक प्रसंगों तथा सहानुभूति और जिम्मेदारी जैसे मानवीय मूल्यों की सटीक जानकारी देकर एक आदर्श नागरिक बनाने में सहायता करती हैं।

Skill Development के अंतर्गत केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर, छात्रों में Time Management, तनाव मुक्ति तथा Communication Skills जैसे व्यावहारिक कौशल विकसित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।

मार्गदर्शन एवं Career Guidance के माध्यम से विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार सही कोर्स चुनने, परीक्षाओं की तैयारी करने तथा Interviews की रूपरेखा तैयार करने में उनकी उपयोगिता एक निजी शिक्षक (Tutor) जैसी होती है।

व्यावहारिक और खेल-आधारित गतिविधियाँ के अंतर्गत शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कला, विभिन्न गतिविधियाँ, Exercise तथा खेल-आधारित अध्ययन (Game Related Study) जैसी पाठ्येतर गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।

विद्यार्थी उन्हें बहुत प्यार और सम्मान देते हैं। उनका भी हमेशा विद्यार्थियों के प्रति Friendly Nature रहा है।

Information Technology के क्षेत्र में भी उनका कौशल अद्भुत है।

उन्हें एक आदर्श शिक्षिका बनाने में तथा राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 प्राप्त करने की इस उपलब्धि में महाराष्ट्रीय मंडळ प्रशाला, पुणे की श्रीमती नेहा दामले, निधि सामंत, अदिति सहस्त्रबुद्धे एवं क्षितिजा कदम का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।

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