पुणे : तकनीकी शिक्षा, नवाचारपूर्ण अध्यापन एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रो. श्रीकांत एकनाथराव ढाकणे को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने तथा विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख एवं मूल्याधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए उनके निरंतर प्रयासों की मान्यता है।
एम.टेक. (कम्प्यूटर इंजीनियरिंग) की उच्च शैक्षणिक उपाधि प्राप्त प्रो. श्रीकांत ढाकणे वर्ष 2010 से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उन्होंने डिप्लोमा एवं डिग्री इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को कम्प्यूटर फंडामेंटल्स, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग तथा अन्य तकनीकी विषयों का प्रभावी अध्यापन कर अनेक विद्यार्थियों के करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शिक्षक के रूप में उनका सदैव यह प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक, तकनीकी एवं नैतिक दृष्टि से भी सक्षम बनाया जाए। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रुचिकर एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए अनेक नवाचारपूर्ण पहलें की हैं।
तकनीकी विषयों को सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाने की उनकी विशिष्ट शिक्षण शैली विद्यार्थियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रही है। पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ-साथ उन्होंने डिजिटल माध्यमों, प्रेजेंटेशन, वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन क्विज़ तथा प्रोग्रामिंग डेमो का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक बनाया है।
विद्यार्थियों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं से परिचित कराने के लिए प्रो. ढाकणे ने विभिन्न तकनीकी कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं विशेषज्ञ व्याख्यानों का आयोजन किया। उन्होंने प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (Project Based Learning) को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों में समस्या समाधान क्षमता, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना का विकास हुआ।
शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने अध्ययन सामग्री, तकनीकी नोट्स, प्रश्नसंच एवं ई-लर्निंग संसाधन स्वयं तैयार कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन एवं विशेष शंका समाधान सत्र आयोजित किए गए, जिससे उनके शैक्षणिक परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ऑनलाइन शिक्षण को प्रभावी बनाया तथा विद्यार्थियों की शिक्षा को निरंतर जारी रखा।
प्रो. ढाकणे का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संस्कारित एवं जागरूक नागरिकों का निर्माण करना भी है। इसी दृष्टिकोण से उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
करियर काउंसलिंग, नियमित मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी तथा नई तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख ज्ञान प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को स्व-अध्ययन, अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी कौशल विकास के लिए निरंतर प्रेरित किया गया।
नैतिक विकास के लिए उन्होंने विद्यार्थियों में अनुशासन, समयपालन, ईमानदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं टीमवर्क जैसे मूल्यों को विकसित करने पर विशेष बल दिया। प्रेरणादायी व्याख्यान, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम तथा मूल्य शिक्षा आधारित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ा गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, डिजिटल नैतिकता एवं सामाजिक संवेदनशीलता के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यार्थियों को सांस्कृतिक, तकनीकी एवं खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया। कोडिंग प्रतियोगिताओं, तकनीकी प्रदर्शनियों, नवाचार कार्यक्रमों तथा प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं में सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं रोजगार अवसरों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
विद्यालय एवं संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रो. ढाकणे ने आधुनिक तकनीकों के उपयोग, सतत मूल्यांकन प्रणाली तथा परिणाम विश्लेषण पर आधारित सुधारात्मक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया। कम्प्यूटर प्रयोगशालाओं के प्रभावी उपयोग, डिजिटल शिक्षण सामग्री के विकास तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर उन्होंने संस्थान में तकनीकी एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता का वातावरण तैयार किया।
समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने विभिन्न जनजागरण कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास के महत्व के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया। ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी उन्होंने महत्वपूर्ण प्रयास किए।
तकनीकी शिक्षा, नवाचारपूर्ण अध्यापन, नैतिक मूल्यों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए प्रो. श्रीकांत एकनाथराव ढाकणे को राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उनका कार्य आधुनिक शिक्षा, तकनीकी दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
