नागपुर : भारतीय शास्त्रीय संगीत, संगीत शिक्षा, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए Mr. Nikhil Ratnakar Vilaychi को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 2 अगस्त 2026 को GH Raisoni College, Nagpur में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

पिछले 12 वर्षों से संगीत शिक्षक के रूप में कार्यरत Mr. Nikhil Ratnakar Vilaychi हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उन्हें प्रख्यात संगीत गुरु Shri Aqeel Ahmed का मार्गदर्शन एवं सान्निध्य प्राप्त हुआ है, जिसकी प्रेरणा से वे भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि संगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है।

संगीत शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए उन्होंने आधुनिक एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाया है। विद्यार्थियों को राग, ताल एवं स्वर की जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझाने के लिए वे व्यावहारिक प्रदर्शन, समूह गायन, श्रवण अभ्यास तथा प्रदर्शन आधारित शिक्षण का प्रभावी उपयोग करते हैं। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यमों से ऑडियो-वीडियो शिक्षण सामग्री तैयार कर विद्यार्थियों के लिए नियमित अभ्यास को अधिक सुलभ बनाया है।

विद्यालयों में संगीत को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास एवं सांस्कृतिक शिक्षा के माध्यम के रूप में स्थापित करने के लिए उन्होंने विशेष प्रयास किए हैं। विद्यार्थियों को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगीत प्रतियोगिताओं एवं संगीत समारोहों में भाग लेने के लिए प्रेरित कर उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए। इसके साथ ही भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से संगीत कार्यशालाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों का भी सफल आयोजन किया।

वे विद्यार्थियों को हार्मोनियम, कीबोर्ड एवं अन्य संगीत वाद्यों का प्रशिक्षण देकर उनकी रचनात्मकता एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को विकसित करने का कार्य भी कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से आत्मविश्वास विकसित किया तथा संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए Mr. Nikhil Ratnakar Vilaychi नियमित अभ्यास, समयपालन, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच पर विशेष बल देते हैं। वे संगीत के माध्यम से विद्यार्थियों में एकाग्रता, धैर्य, आत्मविश्वास तथा मानसिक संतुलन विकसित करने का प्रयास करते हैं। साथ ही गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों का महत्व समझाकर विद्यार्थियों में संस्कारों का विकास भी करते हैं।

प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत क्षमता एवं रुचि के अनुसार मार्गदर्शन प्रदान करते हुए वे उन्हें मंचीय अनुभव, सार्वजनिक प्रस्तुति कौशल तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने के अवसर प्रदान करते हैं। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को विशेष सहयोग एवं अतिरिक्त मार्गदर्शन देकर उन्होंने शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने का सराहनीय प्रयास किया है।

विद्यालय एवं समाज में संगीत शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उन्होंने नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रार्थना सभा, राष्ट्रीय पर्वों एवं विशेष अवसरों पर संगीत आधारित प्रस्तुतियों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हुई। उन्होंने अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर विद्यार्थियों की प्रगति एवं आवश्यकताओं पर भी विशेष ध्यान दिया।

भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से वे विद्यार्थियों को लोकसंगीत, भजन, देशभक्ति गीत एवं हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप कौशल आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर उन्होंने विद्यालय में प्रेरणादायक एवं रचनात्मक शिक्षण वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारतीय शास्त्रीय संगीत, संगीत शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए Mr. Nikhil Ratnakar Vilaychi को National Ideal Teacher Awards 2026 से सम्मानित किया गया।

उनकी यह उपलब्धि संगीत एवं शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है। उनका दृढ़ विश्वास है कि “शिक्षा और संगीत का समन्वय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। संगीत केवल कला नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों का आधार है।” इसी संकल्प के साथ वे भविष्य में भी भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और विद्यार्थियों को संस्कारित एवं आत्मविश्वासी नागरिक बनाने का कार्य निरंतर करते रहेंगे।

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