पुणे, महाराष्ट्र: शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र सोच, अनुसंधान क्षमता, व्यावहारिक ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इसी दृष्टिकोण के साथ Dr. Sarika Rajendra Thakar, Assistant Professor of Economics, Shri Venkatesh Mahavidyalaya, Ichalkaranji, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं। वर्ष 2011 से शुरू हुई उनकी शैक्षणिक यात्रा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समाजोपयोगी ज्ञान के प्रसार पर केंद्रित रही है।
शिक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, शैक्षणिक नवाचार और विद्यार्थी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए Global Elite Media की ओर से उन्हें राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक रत्न पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार समारोह 25 अक्टूबर 2026 को पुणे के Symbiosis Vishwabhavan Auditorium, Senapati Bapat Road, Pune में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अर्थशास्त्र शिक्षा में व्यावहारिक एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धति
Dr. Sarika Rajendra Thakar का मानना है कि अर्थशास्त्र जैसे विषय को केवल पुस्तकों और सैद्धांतिक अवधारणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसी उद्देश्य से वे अर्थशास्त्र के अध्ययन को विद्यार्थियों के दैनिक जीवन, बाजार व्यवस्था, रोजगार, उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और समकालीन आर्थिक समस्याओं से जोड़कर पढ़ाने पर विशेष ध्यान देती हैं।
व्याख्यान, उदाहरण, समूह चर्चा, असाइनमेंट, लघु शोधकार्य और प्रस्तुतीकरण जैसी शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से वे अध्ययन को अधिक रोचक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने का प्रयास करती हैं। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, स्वतंत्र रूप से सोचने और अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
महाविद्यालय के Internal Quality Assurance Cell (IQAC), अर्थशास्त्र मंडल, प्रतियोगी परीक्षा मंडल तथा कौशल एवं उद्यमिता विकास से संबंधित गतिविधियों में उनकी सक्रिय सहभागिता रही है। अर्थशास्त्र मंडल के अंतर्गत ‘अर्थवेध’ भित्तिपत्रिका जैसे उपक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में आर्थिक विषयों के प्रति रुचि, लेखन कौशल, रचनात्मकता और समसामयिक घटनाओं की समझ विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
अनुसंधान एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहन
विद्यार्थियों में अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित करना उनके शैक्षणिक कार्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अविष्कार अनुसंधान प्रतियोगिता के अंतर्गत वे विद्यार्थियों को शोधपत्र लेखन, पोस्टर प्रस्तुतीकरण, मॉडल निर्माण, विषय चयन, परिकल्पना, संदर्भ लेखन और सांख्यिकीय विश्लेषण जैसी प्रक्रियाओं से परिचित कराने में मार्गदर्शन करती हैं।
व्यवसाय, डिजिटल भुगतान, इलेक्ट्रिक वाहन, कौशल विकास, उत्पादन लागत और उपभोक्ता व्यवहार जैसे व्यावहारिक विषयों पर विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे उनमें तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, संवाद कौशल और प्रस्तुतीकरण क्षमता विकसित करने के अवसर मिलते हैं।
उनका मानना है कि अनुसंधान केवल उच्च शिक्षा का हिस्सा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने और तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालने की आदत विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के अवसर
शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी उनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने फैशन डिजाइनिंग एवं आरी वर्क जैसे व्यावसायिक कौशल आधारित पाठ्यक्रमों के समन्वयन में योगदान दिया है।
इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, व्यावहारिक दक्षता और स्वरोजगार की संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके अतिरिक्त उद्यमिता विकास कार्यक्रमों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसे उभरते विषयों से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और बदलती कार्यसंस्कृति से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं एवं करियर मार्गदर्शन में योगदान
विद्यार्थियों को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से वे प्रतियोगी परीक्षाओं और बैंकिंग परीक्षाओं से संबंधित मार्गदर्शन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को करियर संबंधी जानकारी, परीक्षा की तैयारी और रोजगार के विभिन्न अवसरों से परिचित कराया जाता है।
उनका दृष्टिकोण केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी सक्षम बनाना है। इसी कारण वे कौशल आधारित प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास को उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं।
नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता
Dr. Sarika Rajendra Thakar विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके नैतिक और सामाजिक विकास को भी समान महत्व देती हैं। अनुशासन, समयपालन, ईमानदारी, परिश्रम, सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को विद्यार्थियों के जीवन में विकसित करने पर उनका विशेष जोर रहता है।
वे विद्यार्थियों को स्थानीय आर्थिक समस्याओं, छोटे व्यवसायों, डिजिटल लेन-देन, पर्यावरणीय चुनौतियों और आत्मनिर्भरता के अवसरों को समझने के लिए प्रेरित करती हैं। इससे शिक्षा और समाज के बीच संबंध मजबूत करने तथा विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
Global Elite Media द्वारा राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक रत्न पुरस्कार 2026 से सम्मान
अर्थशास्त्र शिक्षा में व्यावहारिक शिक्षण, अनुसंधान गतिविधियों, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में Dr. Sarika Rajendra Thakar के योगदान की सराहना करते हुए Global Elite Media ने उन्हें राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक रत्न पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया।
25 अक्टूबर 2026 को पुणे के Symbiosis Vishwabhavan Auditorium, Senapati Bapat Road में आयोजित इस प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और शिक्षाविदों के कार्यों का गौरव किया गया।
Dr. Sarika Rajendra Thakar की शैक्षणिक यात्रा समर्पण, निरंतर सीखने की भावना और विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण का उदाहरण है। उनका मानना है कि एक आदर्श शिक्षक वही है जो स्वयं सीखना कभी बंद नहीं करता, विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और शिक्षा को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाता है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायी है।
