पुणे : शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सुश्री मोना ऋषि भराज, हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD), द लेक्सिकॉन इंटरनेशनल स्कूल, वाघोली को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा क्षेत्र में उनके 23 वर्षों के समर्पित योगदान, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया गया।

पिछले 23 वर्षों से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय सुश्री मोना ऋषि भराज ने विद्यालय, विश्वविद्यालय एवं स्नातकोत्तर स्तर पर शिक्षण, शोध और नवाचार के माध्यम से अनेक विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा प्रदान की है। उनका मानना है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, कौशल विकास और समाज निर्माण की आधारशिला है।

उन्होंने अपने शिक्षण कार्य में ICT आधारित शिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल कंटेंट, ऑनलाइन क्विज़ तथा प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया है। अनुभव आधारित शिक्षण एवं समूह गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा रचनात्मकता को विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।

विश्वविद्यालय एवं स्नातकोत्तर स्तर पर उन्होंने शोध कार्यों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। शोध पद्धति, डेटा विश्लेषण और नवाचार आधारित परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और डिजिटल लर्निंग जैसे आधुनिक विषयों को शिक्षण प्रक्रिया में शामिल कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु सुश्री भराज ने कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं और व्यक्तिगत मार्गदर्शन की व्यवस्था की, जिससे उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार हुआ। वहीं मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित कर उनकी क्षमता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का कार्य किया।

उन्होंने विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और नैतिक मूल्यों के विकास को भी विशेष महत्व दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद प्रतियोगिताओं तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित किया गया। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान एवं सामाजिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित की गई।

विद्यालय में शिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए उन्होंने आधुनिक तकनीकों एवं सहयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दिया। अभिभावक-शिक्षक संवाद को मजबूत बनाने हेतु नियमित बैठकें और परामर्श सत्र आयोजित किए गए, जिससे विद्यार्थियों की प्रगति पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, डिजिटल साक्षरता को प्रोत्साहित करने तथा कौशल विकास के लिए विभिन्न कार्यशालाओं एवं सेमिनारों में उनकी सक्रिय सहभागिता रही है। शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने का सराहनीय कार्य किया है।

शिक्षा, शोध, नवाचार और विद्यार्थी विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए सुश्री मोना ऋषि भराज को राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उनका कार्य आधुनिक, मूल्यनिष्ठ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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