पुणे : शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, प्रारंभिक बाल शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए किए गए नवाचारपूर्ण प्रयासों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित कार्यों के लिए Mrs. Pranita Kiran Palkar, चेअरमन, Unique Angel Pre Primary School को राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षिका पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हुए Mrs. Pranita Kiran Palkar ने सदैव गुणवत्तापूर्ण, बालकेंद्रित एवं संस्कारयुक्त शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में विद्यालय में ऐसी शिक्षण पद्धतियाँ विकसित की गई हैं, जिनसे बच्चों का बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास सुनिश्चित हो सके।

प्रारंभिक बाल शिक्षा को प्रभावी एवं आनंददायी बनाने के लिए उन्होंने विद्यालय में गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाया है। बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर प्रदान कर उनकी जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और सीखने की क्षमता को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। डिजिटल शिक्षण सामग्री, ऑडियो-वीडियो साधनों, कहानी कथन, रोल प्ले, कला एवं हस्तकला गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाया गया है।

विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर भी विशेष बल दिया जाता है। प्रतिदिन प्रार्थना, सुविचार, नैतिक कहानियाँ तथा राष्ट्रीय एवं सामाजिक विषयों पर आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, सम्मान, सहयोग, जिम्मेदारी और देशभक्ति जैसे गुणों का विकास किया जाता है।

Mrs. Palkar का मानना है कि प्रत्येक बच्चा अपनी विशिष्ट प्रतिभा और क्षमता के साथ जन्म लेता है। इसी सोच के साथ विद्यालय में प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत आवश्यकताओं और क्षमताओं को ध्यान में रखकर शिक्षण की योजना बनाई जाती है। जिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होती है, उनके लिए विशेष मार्गदर्शन तथा अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है।

विद्यालय और अभिभावकों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए नियमित पालक सभाओं, संवाद सत्रों तथा व्यक्तिगत मार्गदर्शन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इससे बच्चों के विकास में अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हुई है तथा घर और विद्यालय के बीच सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण हुआ है।

शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए उन्होंने विद्यालय में आधुनिक शिक्षण संसाधनों और नवीन तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया है। शिक्षकों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएँ और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर आधारित सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिससे शिक्षण प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सके।

कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए ऑनलाइन शिक्षण, डिजिटल अध्ययन सामग्री तथा अभिभावकों के सहयोग से शिक्षण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक जारी रखा गया। इस पहल से विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया में निरंतरता बनी रही और शिक्षा का स्तर प्रभावित नहीं हुआ।

समाज में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी उन्होंने विभिन्न जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया। विशेष रूप से बालिका शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा के महत्व तथा प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किए गए उनके प्रयास सराहनीय माने जाते हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, नवाचार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा विद्यालय की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए Mrs. Pranita Kiran Palkar को राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षिका पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी यह उपलब्धि शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी मानी जा रही है।

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