पुणे : हिंदी भाषा शिक्षण में नवाचारपूर्ण अध्यापन, गतिविधि-आधारित शिक्षण, डिजिटल शिक्षण पद्धतियों के प्रभावी उपयोग तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए Mrs. Vrushali Manoj Kalling को राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
एक समर्पित शिक्षिका के रूप में श्रीमती वृशाली मनोज कालिंग ने सदैव विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर व्यवहारिक, रचनात्मक एवं जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया है। उन्होंने गतिविधि-आधारित शिक्षण, प्रोजेक्ट पद्धति, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी, शैक्षणिक खेल तथा डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाया।
हिंदी विषय के अध्यापन को सरल और प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने भाषा खेल, कार्यपत्रिकाएँ, भूमिका-अभिनय, संवाद आधारित गतिविधियाँ तथा स्मार्ट क्लास, ऑडियो-वीडियो सामग्री और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग किया। इन नवाचारों से विद्यार्थियों की भाषा दक्षता, अभिव्यक्ति क्षमता तथा विषय के प्रति रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक एवं सामाजिक विकास पर भी उन्होंने विशेष बल दिया। अनुशासन, ईमानदारी, सहयोग, करुणा, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों को विकसित करने के लिए प्रार्थना सभा, प्रेरणादायक कहानियाँ, विचार-विमर्श, भाषण प्रतियोगिताएँ एवं मूल्य शिक्षा कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया।
श्रीमती वृशाली मनोज कालिंग का मानना है कि शिक्षा केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदार एवं संस्कारित नागरिक निर्माण की प्रक्रिया है। इसी उद्देश्य से उन्होंने विद्यार्थियों को स्व-अध्ययन, रचनात्मक चिंतन तथा खोजपरक अधिगम के लिए निरंतर प्रेरित किया।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण, नवाचारपूर्ण शिक्षण शैली तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों के सम्मानस्वरूप Mrs. Vrushali Manoj Kalling को राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उनकी यह उपलब्धि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है.
