पुणे : शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली डॉ. सायली सुहास कोल्हे को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास करने तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान किया गया।
एक शिक्षण संस्था की संस्थापक एवं शिक्षिका के रूप में डॉ. सायली सुहास कोल्हे ने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने विद्यालय में डिजिटल शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुरूप शिक्षण वातावरण विकसित किया है, जिससे बच्चों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और आनंददायक बनी है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में नियमित रूप से शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा सामाजिक कौशल विकसित करने का प्रयास किया जाता है। बच्चों को भाषण प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला गतिविधियों तथा खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाता है।
डॉ. कोल्हे ने विद्यार्थियों के नैतिक विकास को भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता, सम्मान, ईमानदारी तथा सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों और उपक्रमों का आयोजन किया जाता है। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि अच्छे नागरिकों का निर्माण करना भी है।
विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए उन्होंने योग्य शिक्षकों की नियुक्ति तथा उनके नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। आधुनिक शिक्षण तकनीकों और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार किया गया है। साथ ही अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर विद्यार्थियों की प्रगति पर निरंतर ध्यान दिया जाता है।
समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डॉ. सायली सुहास कोल्हे द्वारा प्रवेश अभियान, मार्गदर्शन कार्यक्रम तथा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। उनका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करना है।
शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उनका कार्य शिक्षा के माध्यम से एक सशक्त, जागरूक और संस्कारित समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
