पुणे : प्रारंभिक बाल शिक्षा, संस्कार आधारित शिक्षण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली श्रीमती जमुना महेश गोगावले, संस्थापक एवं संचालिका, संस्कार प्री प्रायमरी स्कूल, धनकवडी, पुणे को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
श्रीमती जमुना महेश गोगावले पिछले कई वर्षों से प्रारंभिक बाल शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं। उनका मानना है कि किसी भी बच्चे का भविष्य उसकी प्रारंभिक शिक्षा पर आधारित होता है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए उन्होंने संस्कार प्री प्रायमरी स्कूल में बच्चों के लिए एक ऐसा शिक्षण वातावरण विकसित किया है, जहाँ शिक्षा को आनंददायक, व्यवहारिक और बाल-केंद्रित बनाया गया है।
विद्यालय का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के फाउंडेशन स्टेज के अनुरूप तैयार किया गया है। बच्चों को मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान एवं सामान्य ज्ञान जैसे विषय गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से सिखाए जाते हैं, जिससे उनमें सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित होती है।
विद्यालय में शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ बच्चों के भाषा विकास, स्मरण शक्ति एवं अभिव्यक्ति क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके लिए संस्कृत श्लोक, हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र तथा कृष्ण तांडव जैसे स्तोत्रों का नियमित अभ्यास कराया जाता है। इससे बच्चों के उच्चारण, आत्मविश्वास और स्मरण शक्ति में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलती है।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विद्यालय में योग, ध्यान, पंचयोग, विज़ुअलाइज़ेशन तथा नियमित शारीरिक व्यायाम को दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया गया है। इसके साथ ही खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कविता पाठ, कहानी कथन और मंच संचालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और आत्मविश्वास का विकास किया जाता है।
कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी श्रीमती गोगावले ने शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था प्रारंभ की। इस पहल का लाभ पाँच विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क रूप से मिला। दो वर्षों तक सफलतापूर्वक संचालित इस ऑनलाइन शिक्षण अभियान ने अनेक बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा।
महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया था, उन्हें निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कार्य भी उन्होंने किया। यह पहल शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देते हुए वर्ष 2022 में द ग्रेट इंडियन फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा उन्हें “Motivational Woman Award” से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके निरंतर समाजोपयोगी कार्यों और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
श्रीमती जमुना महेश गोगावले का उद्देश्य केवल बच्चों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारित, आत्मविश्वासी, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। शिक्षा, संस्कार, व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल के समन्वय से वे एक सशक्त समाज और उज्ज्वल राष्ट्र निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। उनके इन्हीं प्रेरणादायी प्रयासों के लिए उन्हें राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
